क्या है सही डोज जानिए 2026: Viral Fever Home Remedies India Children Paracetamol Dose

Dr.Deepak Dhiman
0

Viral Fever Home Remedies India Children Paracetamol Dose

Introduction 

Viral Fever Home Remedies India Children Paracetamol Dose: नमस्कार आपका हमारे वेबसाइट पर मैं डॉक्टर दीपक आपको इस आर्टिकल के अंदर बताऊंगा कि बुखार क्या होता है किन-किन कर्म से होता है कितने प्रकार का होता है क्या लक्षण है उनके कैसे उनका इलाज होगा पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी 

viral fever home remedies India children paracetamol dose


बुखार क्या है करण प्रकार लक्षण और इलाज पूरी जानकारी 


बुखार क्या होता है 

  • बुखार शरीर की वह सी स्थिति है जब हमारे शरीर का तापमान सामान्य तापमान से अधिक हो जाता है तब हमारे को शरीर में गर्मी महसूस होती है सामान्य तापमान हमारे शरीर का लगभग 98.6 F मतलब 37०C सेल्सियस होता है
  • बुखार कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है यह बताता है कि शरीर के अंदर कुछ गड़बड़ है या तो आपको कोई दिक्कत है या कोई बीमारी बन रही है या आपका इम्यून सिस्टम उसे लड़ रहा है तब बुखार चढ़ता है इंसान को बुखार कोई भी बीमारी नहीं है इससे डरने की जरूरत नहीं है 

   

Bukhar kya hota hai?, viral fever home remedies India children paracetamol dose

viral fever home remedies India children paracetamol dose


बुखार क्यों होता है 

  • बुखार के कुछ कारण बता रहे हैं हम आपको एक वायरस इनफेक्शन दो बैक्टीरियल इनफेक्शन तीन फंगल इन्फेक्शन चार गंदा पानी या खाना पांचवा मलेरिया हो गया डेंगू हो गया या टाइफाइड हो गया छाता कोविद-19 सत्व वैक्सीनेशन या टीकाकरण 
  • आठवां बहुत ज्यादा गर्मी होना महोबा इन्फ्लेमेशन मतलब सूजन आना किसी भी शरीर के अंग पर दसवां इम्यून सिस्टम की कोई समस्या होना बॉडी के अंदर तब हमारा शरीर बुखार से ग्रसित होता है 


बुखार कैसे होता है शरीर के अंदर 


जब हमारे शरीर में कोई भी वाइरस या बैक्टीरिया प्रवेश कर लेता है तो हमारा इम्यून सिस्टम Pyrogens नामक केमिकल रिलीज करता है यह केमिकल दिमाग के हाइपोथैलेमस को संकेत देते हैं कि शरीर में तापमान बढ़ाया जाए ताकि कीटाणु मर सके यही कारण है शरीर में बुखार होने का कोई कीटाणु शरीर के अंदर घुस जाता है तो दिमाग में सिग्नल जाता है तब जाकर हमको गम महसूस होना या फीवर होना फाइनल होता है तय होता है कि हमको बुखार हो गया है 


Bukhar ke type kya hai,viral fever home remedies India children paracetamol dose

बुखार के प्रकार कितने है


viral fever home remedies India children paracetamol dose


वायरल बुखार 

करण - कारण है वायरस 

लक्षण- सर दर्द बदन में बहुत तेज दर्द होना और बहुत ज्यादा कमजोरी आना 

उदाहरण है- फ्लो सर्दी जुकाम होना 


बैक्टीरिया बुखार 


करण बैक्टीरिया लक्षण है तेज बुखार बहुत ज्यादा ठंड लगना उसकी वजह से मोटे-मोटे कंबल और लेना और रजाई और लेना इलाज है एंटीबायोटिक जरूरी होती है इसके अंदर क्योंकि कोई भी बैक्टीरिया इन्फेक्शन हो जाता है तो उसके लिए अलग-अलग प्रकार की कम से कम नौ से 10 एंटीबायोटिक मार्केट के अंदर मौजूद होती है जो हम मरीजों को देते हैं उसके बिना कोई भी बैक्टीरिया मरता नहीं है बैक्टीरियल इन्फेक्शन में हमेशा हम एंटीबायोटिक का उसे करते हैं 


डेंगू बुखार 

कारण है एडिस मच्छर और लक्षण है तेज बुखार होना आंखों के पीछे बहुत तेज दर्द होना शरीर में इतना दर्द होना जैसे किसी ने कुछ मार दिया हो किसी हथियार से शरीर को पीट दिया हो इस प्रकार हमारी बॉडी के अंदर डेंगू फीवर का दर्द होता है में कारण है प्लेटलेट्स घाट जाना 

सावधानी है आपको फीवर आ रहा है 6 7 दिन से आप दवाई ले रही है किसी लोकल डॉक्टर से उधर पास वाले डॉक्टर से आपको अगर आराम नहीं आ रहा है से मतलब आंखों के पीछे दर्द हो रहा है आपको बहुत तेज बुखार आ रहा है कोई भी खा रहे हो उसको उल्टी गिर रही है वह तो आपको तुरंत अच्छे से हॉस्पिटल के अंदर या अच्छे डॉक्टर जो भी आपके वहां पर है जिसके पास सारे टेस्ट हो जो आपका टेस्ट करवा सके खून टेस्ट उसको तुरंत संपर्क करें उसे जरूर मिले देरी करना चांद के लिए हानिकारक हो सकता है 


मलेरिया बुखार 


कारण है एनाफिलीज मच्छर और इसके लक्षण है ठंड लगना बहुत तेज ठंड लगना बुखार आना और में है इसका बहुत जो करण जिससे पता लगता है फीवर है वह है पसीना आना क्योंकि डेंगू के अंदर ही ज्यादातर पसीना आ जाता है और इसके प्रकार है प्लाज्मोडियम इंफेक्शन


टाइफाइड बुखार 

कारण है सेल मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है लक्षण है इसके लंबे समय तक बुखार आना बहुत मतलब हफ्ता तक ठीक ना होना उल्टी आना और अपना पेट दर्द होना इसके लक्षण है और ठीक होने का जो उसका ठीक होने के दिन है मतलब कितने दिन में ठीक होता है 2 से 3 हफ्ते के अंदर ठीक होता है पूरे ट्रीटमेंट के साथ डॉक्टर के साथ रहकर पूरा ट्रीटमेंट लेकर यह दो या तीन हफ्ते में ठीक होता है।   


कोविड  बुखार 


कारण है इसका कोरोना वायरस। 

लक्षण है बुखार आना खांसी होना और सांस लेने में बहुत तेज दिक्कत होना सावधानी है इसकी टेस्ट करवाना ऑक्सीजन अपने पास रखना क्योंकि इसके अंदर सांस नहीं आता है हमारा पूरा रेस्पिरेटरी सिस्टम पूरा ब्लॉक हो जाता है तो ऑक्सीजन बहुत ही जरूरी होती है इसके अंदर 


 हिट फीवर

हिट फीवर का कारण है ज्यादा गर्मी होना इसके अंदर बहुत ज्यादा गर्मी लगती है इसके लक्षण है चक्कर आना और बहुत ज्यादा उल्टी होना सावधानी है इसकी आपको ठंडी जगह रहना है ठंडा पानी पीना है किसी पंख नीचे कॉलर नीचे आपको अगर जरूरत पड़े तो आप Ac नीचे भी रह सकते हैं 


एलर्जी बुखार 

यह बुखार एलर्जी के कारण के वजह से होता है और इसके लक्षण होते हैं हल्का बुखार आना आंखों से बहुत तेज अपनी बहन छींक आना और यह बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है कुछ एलर्जिक दवाई होती है उनसे यह बुखार आराम से ठीक हो जाता है 


बुखार के कुछ सामान्य लक्षण 

शरीर गर्म लगा हो गया ठंडा या काम कभी आना सर दर्द हो जाना शरीर में बहुत ही तेज कमजोरी आ जाना मतलब पसीना आ जाना भूख नहीं लगती है इसमें उल्टी जैसा मन होता है उल्टियां आती है मछली लगती है जिम चलता है बहुत ही दिक्कत होती है आंखों में जलन होती है आंखों से पानी बह जाता है। 


बुखार कितने प्रकार का होता है और तापमान के अनुसार कितना होता है 

बुखार अगर 99 से 100 हो तो हल्का बुखार हो जाता है अगर बुखार 100 से 102 के बीच में हो तो सामान्य बुखार हो जाता है अगर बुखार 102 से 104 के बीच में हो तो तेज माना जाता है अगर आपका बुखार 104 से भी ऊपर है तो आपको खतरनाक मतलब की आपको अस्पताल में जाना जरूरी है अगर आपको जान बचाने है तो बहुत ही जरूरी है आपको हॉस्पिटल में किसी भी नजदीकी अस्पताल मेंजाना 



बुखार में क्या करें 

घरेलू उपाय 

ज्यादा से ज्यादा पानी पी लीजिए गुनगुना पानी से मुंह धोया अपना और कहीं भी जाइए मत कहीं भी बाजार में किसी भी कॉलेज या स्कूल के अंदर मत जाइए और पेट भरकर कभी भी खाना नहीं खाना और आपको तुलसी या अदरक का आपको तुलसी अदरक का चाय पी लेना है और आपको नारियल पानी भी हो सके तो आप जरूर पिए आपको कोई भी परेशानी नहीं होगी यह घरेलू उपाय करने से आपको दिक्कत नहीं होगी जब भी आपको आराम मिल जाए आप नजदीक डॉक्टर से मिल सकते हैं 



दवाइयां 

आप पेरासिटामोल ले सकते हैं वह भी डॉक्टर की सलाह से डॉक्टर  से पूछे बिना आप कोई भी दवाई है ना ले आपको कोई भी एंटीबायोटिक डॉक्टर के पूछने से तक कोई भी दवा के इस्तेमाल नहीं करना है 


बुखार में क्या ना करें 

ठंडा पानी से कभी भी बुखार में नहाना नहीं चाहिए और ज्यादा मसालेदार या बाहर का खाना चाऊमीन समोसे बर्गर पिज़्ज़ा कभी भी नहीं खाना चाहिए और बुखार में कभी शराब का सेवन और धूम्रपान नहीं करना चाहिए और बिना डॉक्टर के सलाह के कोई भी दवाई ना ले 


डॉक्टर को कब दिखाएं 

बुखार 3 दिन से अगर ज्यादा दिन रह जाए खासी तापमान अगर 103 से ज्यादा आ जाए बच्चों को या बुजुर्ग को ज्यादा बुखार हो या प्लेटलेट्स कम हो जाए या सांस लेने में कोई दिक्कत हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाइए 


 बुखार से कैसे बचे 

साफ पानी पीजिए कभी भी आपको गंदा पानी नहीं पीना है आपको हमेशा फिल्टर का पानी पीना चाहिए मच्छरों से हमेशा बचाव करें अगर आप जहां भी रह रहे हैं किसी भी रूम में किसी भी गांव के घर में कहीं भी वहां पर आपको मच्छर नहीं होने चाहिए अगर आप मच्छर है तो आप मच्छर मारने वाली दवा या स्प्रे का उसे करिए और आपको हमेशा अच्छा खाना खाना है कभी भी गंदा खाना नहीं खाना है जैसे कि बाहर का हमेशा खाना खाते हो हमें सब पिज़्ज़ा बर्गर तला हुआ खाना और समय पर टीकाकरण होना चाहिए आपका 

FAQ Frequently Asked Questions

FAQ 1: Bachchon me viral fever ke liye paracetamol ki sahi dose kya hoti hai?

Answer:

  • इंडिया में बच्चों के लिए पेरासिटामोल डोज वजन के हिसाब से दी जाती है
  • आमतौर पर डोज होती है10 से 15 mg per kg बॉडी वजन के हिसाब से, जो हर 6 से 8 घंटे के गैप के अंदर दी जाती है
  • उदाहरण के तौर पर:- अगर बच्चा 10 किलो वजन का है तो उसको 100-150 mg per kg पेरासिटामोल डोज दी जा सकती है. बिना डॉक्टर की सलाह की डोज दोबारा मत दीजिए
FAQ 2: Viral fever me bachchon ko kab doctor ke paas le jana chahiye?

Answer: 

  • अगर बच्चों को 102*F से ज्यादा बुखार आ रहा हो तो, बार-बार उल्टी लग रही है तो, सांस लेने में कोई भी परेशान नहीं हो रही है तो, या बच्चा बहुत ज्यादा परेशान हो रहा हैतो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाइए. तीन दिन से ज्यादा बुखा ररहता है तो एक वार्निंग का साइन जिसे इग्नोर किया नहीं जा सकता
FAQ 3: Kya viral fever me bachchon ko antibiotics dena chahiye?

Answer: 

  • नहीं, वायरल बुखार में एंटीबायोटिक का कोई रोल नहीं होता है. एंटीबायोटिक सिरप बैक्टीरिया से होने वाले इन्फेक्शन में काम आती है. वायरल बुखार में गलत एंटीबायोटिक देने से बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है. अगर 3 दिन से ज्यादा बुखार रहे या लक्षण बढ़ जाते हैं, तब डॉक्टर को दिखाना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है
FAQ 4: Viral fever hone par bachchon ko ghar par kya upay kar sakte hain?
Answer: 

  • वायरल बुखार में बच्चों को ज्यादा दवा देने के बजाय पहले घर के सिंपल उपाय काम आते हैं बच्चों को सही रेस्ट दीजिए, हल्का गर्म पानी कर लीजिए या ORS थोड़ा-थोड़ा Pilate रहिए, तुलसी का पानी, हल्दी का दूध ( यह सब एक साल से ऊपर के बच्चों कोदेना होता है) और नार्मल टेंपरेचर से स्पंज से नहला कर बुखार उतारने में मदद करता है. मैं खुद देखा है कि हाइड्रेशन सबसे ज्यादा इफेक्टिव होती है बुखार उतारने के लिए

नोट 

बुखार एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण संकेत होता है कि शरीर में किसी बीमारी से आपका इम्यून सिस्टम लड़ रहा है सही समय पर पहचान लेना और इलाज को बुखार से आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है अगर बुखार लंबे समय तक बना रहे तो डॉक्टर की सलाह से पूरा ट्रीटमेंट करवाइए नहीं तो जान की हानि भी हो सकती है


Medical Disclaimer:

The information provided on this website is for general informational and educational purposes only and is not intended as a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment.


Always seek the advice of a qualified physician or healthcare provider with any questions you may have regarding a medical condition. Never ignore professional medical advice based on information found on this website.

Read more


  • Older

    क्या है सही डोज जानिए 2026: Viral Fever Home Remedies India Children Paracetamol Dose

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)